एक नई शुरुआत: विद्या बालन की ‘परिणीता’ का पुनः विमोचन
क्या आपको याद है जब विद्या बालन ने अपने करियर की शुरुआत की थी? 2005 में आई फ़िल्म ‘परिणीता’ ने न केवल दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में खुद को एक कल्ट क्लासिक के रूप में स्थापित किया। अब, 20 साल बाद, यह फ़िल्म पुनः एक नई चमक के साथ 29 अगस्त 2025 को कुछ चुनिंदा भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है।
विद्या का जादुई सफर
‘परिणीता’ विद्या बालन की पहली फ़िल्म थी, जिसने उन्हें बॉलीवुड में एक पहचान दिलाई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वे इस फ़िल्म के लिए पहली पसंद नहीं थीं? कई अन्य अभिनेत्रियाँ भी इस प्रमुख भूमिका के लिए दौड़ में थीं। फ़िल्म की कहानी, जो सारत चंद्र चट्टोपाध्याय की बांग्ला उपन्यास पर आधारित है, ने दर्शकों को एक अलग दुनिया में ले जाने का काम किया।
कास्टिंग की रोचक बातें
प्रदीप सरकार द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म में विद्या बालन के अलावा, सैफ अली खान और संजय दत्त ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। लेकिन विद्या के चयन से पहले, विदू विनोद चोपड़ा ने अन्य अभिनेत्रियों को भी इस भूमिका के लिए चुना था। ऐश्वर्या राय, रानी मुखर्जी और मनीषा कोइराला जैसी बड़ी नामों का भी इस भूमिका के लिए विचार किया गया था।
जब विद्या ने इस भूमिका के लिए छह महीने तक स्क्रीन टेस्ट दिया, तब विदू विनोद चोपड़ा ने उन्हें फ़िल्म में लेने का निर्णय किया। उन्होंने एक बार कहा था, “जब हमने ‘परिणीता’ के बारे में सोचा, तो मेरे मन में ऐश्वर्या राय का चेहरा था। लेकिन प्रदीप सरकार ने विद्या के बारे में बताया, और हमने उसे आजमाया। और तब हमें पता चला कि वह इस भूमिका के लिए सबसे सही हैं।”
और भी दिलचस्प तथ्य
सिर्फ विद्या ही नहीं, सैफ अली खान का चयन भी आसान नहीं था। पहले अक्षय खन्ना को इस भूमिका के लिए संपर्क किया गया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद, संजय दत्त को दूसरी प्रमुख भूमिका दी गई, और हमें पता है कि उन्होंने उस भूमिका को कितनी खूबसूरती से निभाया। आज हम इन पात्रों को विद्या, सैफ और संजय के बिना सोच भी नहीं सकते।
एक नई यादें बनाते हुए
हाल ही में, विद्या ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया और लिखा, “आज मेरी पहली हिंदी फ़िल्म #परिणीता का पुनः विमोचन होने वाला है।” उनकी इस खुशी ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कैसे एक फ़िल्म एक अभिनेत्री के जीवन को बदल सकती है।
क्या आप ‘परिणीता’ की जादुई दुनिया में फिर से डूबने के लिए तैयार हैं?
यह फ़िल्म 29 अगस्त 2025 को केवल एक हफ्ते के लिए PVR INOX में रिलीज़ हो रही है।
आपकी राय क्या है?
क्या आपको लगता है कि आज के समय में भी ‘परिणीता’ जैसी फ़िल्में बना सकती हैं? क्या ऐसी कहानियाँ अब भी दर्शकों को उतनी ही प्रभावित कर सकती हैं? हमें अपने विचार जरूर बताएं!








