सलमान खान पर अभिषेक कश्यप की सटीक टिप्पणी: एक अनकही कहानी
जब बात बॉलीवुड की आती है, तो अक्सर हमें पर्दे के पीछे की कहानियों के बारे में जानने की इच्छा होती है। हाल ही में, निर्देशक अभिनव कश्यप ने सलमान खान के बारे में कुछ ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने सबको चौंका दिया। यह कहानी हमें उस विवाद के बारे में बताती है, जो 2010 में ‘दबंग’ की शूटिंग के दौरान सामने आया था।
अभिनव कश्यप की दबी हुई बात
अभिनव कश्यप ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि सलमान खान ने दिवंगत अभिनेता ओम पुरी के साथ एक महत्वपूर्ण दृश्य करने से मना कर दिया था। ओम पुरी फिल्म में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की भूमिका में थे, और उनका रोल केवल सलमान के साथ कुछ दृश्यों तक सीमित था। कश्यप के अनुसार, पहले दृश्य में सलमान का किरदार ओम पुरी के पैरों को छूने वाला था, लेकिन सलमान ने साफ मना कर दिया।
ओम पुरी का गुस्सा
कश्यप ने बताया, "सलमान ने कहा, ‘मैं नहीं करूँगा, मैं इसके पैर नहीं छूऊँगा।’ उन्होंने मुझसे उन दृश्यों को दोबारा लिखने के लिए कहा। जब मैंने बदले हुए दृश्य ओम पुरी को दिखाए, तो वह नाराज हो गए।" ओम पुरी ने सलमान को सख्त शब्दों में जवाब दिया और कहा कि उनके रोल को काटने के लिए उन्होंने उन्हें फटकारा।
एक सच्चे कलाकार की पहचान
जब कश्यप ने ओम पुरी से पूछा कि क्या वह सच में फिल्म छोड़ रहे हैं, तो उन्होंने एक पल के लिए सोचा और कहा, "यह तुम्हारी पहली फिल्म है न, मैं तुम्हारे लिए करूंगा।" यह ओम पुरी की महानता को दर्शाता है, जो अपने गर्व और अहंकार से ऊपर उठकर एक नए निर्देशक की मदद करना चाहते थे।
सलमान का अन्याय
कश्यप ने यह भी कहा कि न केवल ओम पुरी, बल्कि सलमान ने अरबाज़ खान के रोल को भी काट दिया था, जिससे मही गिल का रोल भी प्रभावित हुआ। यह सब कुछ दिखाता है कि कैसे एक अभिनेता की शक्ति कभी-कभी दूसरों के काम को प्रभावित कर सकती है।
‘दबंग’ की सफलता के बावजूद
हालांकि कश्यप और सलमान खान के बीच का रिश्ता ‘दबंग’ के दौरान ठीक नहीं रहा, लेकिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की। इसके बावजूद, कश्यप ने ‘दबंग 2’ और ‘दबंग 3’ से दूरी बना ली और परियोजना से खुद को अलग कर लिया।
यह कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या एक अभिनेता की लोकप्रियता और शक्ति उन्हें दूसरों के साथ असंगत व्यवहार करने का अधिकार देती है? इन सवालों पर चर्चा करना अनिवार्य है।
यह दिलचस्प कहानी आप ‘दबंग’ को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर देख कर और भी बेहतर समझ सकते हैं।
आपकी राय क्या है? क्या आपको लगता है कि इस तरह के विवाद फिल्म उद्योग में आम हैं या फिर इसे सुलझाने का कोई बेहतर तरीका होना चाहिए?









