• Home
  • Entertainments Updates
  • जब प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड में वेतन असमानता पर बात की, ‘मैं अपने पुरुष सह-कलाकार की तुलना में 10% ही कमाती थी..’
जब प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड में वेतन असमानता पर बात की, 'मैं अपने पुरुष सह-कलाकार की तुलना में 10% ही कमाती थी..'

जब प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड में वेतन असमानता पर बात की, ‘मैं अपने पुरुष सह-कलाकार की तुलना में 10% ही कमाती थी..’

प्रियंका चोपड़ा की कहानी: संघर्ष, असमानता और सपनों की उड़ान

जब बात होती है ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा की, तो उनका नाम सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि हॉलीवुड में भी सुनाई देता है। एक ऐसी अभिनेत्री, जिसने अपने अभिनय के सफर में न केवल नाम कमाया, बल्कि अपनी प्रतिभा का लोहा भी मनवाया। आइए, एक बार फिर से उस पल को याद करें जब प्रियंका ने अपने अनुभवों के माध्यम से इंडस्ट्री में वेतन असमानता और बॉडी-शेमिंग के बारे में खुलकर बात की।

बॉलीवुड में वेतन असमानता की सच्चाई

बीबीसी 100 विमेन के साथ एक इंटरव्यू में प्रियंका ने शोबिज में वेतन असमानता और अपने रंग के कारण बॉडी-शेमिंग का सामना करने की चर्चा की। उन्होंने कहा, “बॉलीवुड में मुझे कभी भी समान वेतन नहीं मिला। मैं अपने पुरुष सह-कलाकार की सैलरी का केवल 10% ही पाती थी। यह असमानता बहुत बड़ी है। और आज भी कई महिलाएँ इस समस्या से जूझ रही हैं।” प्रियंका ने आगे कहा, “मेरी पीढ़ी की महिला अभिनेत्रियों ने समान वेतन की मांग की है, लेकिन हमें यह नहीं मिला। मैंने हमेशा सोचा कि सेट पर घंटों बैठना ठीक है, जबकि मेरा पुरुष सह-कलाकार अपनी मर्जी से आता था।”

संघर्ष के दिन

प्रियंका ने अपने बॉलीवुड के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्हें अपने रंग के कारण ताने सुनने पड़े। “मुझे ‘काली बिल्ली’ और ‘डस्की’ कहा जाता था। हमारे देश में, जहाँ हम सभी ब्राउन हैं, ‘डस्की’ का मतलब क्या होता है?” उन्होंने कहा। “मैंने सोचा कि मैं सुंदर नहीं हूं और मुझे अपने साथियों से ज्यादा मेहनत करनी होगी, भले ही मैं शायद उनसे ज्यादा टैलेंटेड थी।”

READ  'Jailer 2: इन दो बॉलीवुड सितारों का राजिनीकांत के साथ नेल्सन की एक्शन सीक्वल में शामिल होना'

औपनिवेशिक मानसिकता का असर

प्रियंका ने बताया कि यह सब हमारे औपनिवेशिक अतीत से आता है। “हमने ब्रिटिश राज से केवल 100 साल पहले मुक्ति पाई है, इसलिए हम अभी भी इसे अपने भीतर महसूस करते हैं। लेकिन यह हमारी पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि हम इन बंधनों को तोड़ें ताकि अगली पीढ़ी को ऐसे भेदभाव का सामना न करना पड़े।”

हॉलीवुड में समान वेतन की पहली बार मिली अनुभूति

प्रियंका ने हॉलीवुड के बारे में भी बात की और बताया कि वहां उनके साथ पहली बार समान वेतन का अनुभव हुआ। “यह मेरे लिए पहली बार हुआ है, जब मैं एक पुरुष सह-कलाकार के साथ मुख्य भूमिका में थी। इससे मैं आगे बढ़ने का तरीका नहीं जानती।”

हॉलीवुड में संघर्ष और पहचान

बॉलीवुड में सफल करियर के बावजूद, प्रियंका को हॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के लिए एक दशक तक संघर्ष करना पड़ा। “मैं अकेले मीटिंग्स में जाती, अपना शो रील ले जाती। मैंने अभिनय और डायलेक्ट कोच के साथ काम किया। ऑडिशन दिए, असफल हुई, रोई, और फिर से कोशिश की। यह एक विनम्र अनुभव था।” प्रियंका ने कहा कि दक्षिण एशियाई और भारतीय होने के नाते हॉलीवुड में आगे बढ़ना आसान नहीं है, लेकिन वह सकारात्मक सोच के साथ अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं।

निष्कर्ष

प्रियंका चोपड़ा की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि संघर्ष और असमानता से भरे इस सफर में भी उम्मीद की किरण बनी रहनी चाहिए। यह उनके लिए एक प्रेरणा है, जो खुद को साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।

READ  इस हफ्ते के नए OTT रिलीज़ (5 जनवरी – 11 जनवरी): De De Pyaar De 2, The Pitt सीजन 2, Weapons और भी बहुत कुछ ऑनलाइन देखने के लिए!

यह वेब सीरीज़ "Citadel" पर देखने के लिए उपलब्ध है, जो प्रियंका के अभिनय कौशल को और भी बखूबी दर्शाती है।

क्या आपको लगता है कि बॉलीवुड और हॉलीवुड दोनों में समानता की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं? अपने विचार साझा करें!

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

×