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'ज़नाई भोसले ने AR रहमान के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी दादी आशा भोसले की विरासत को आगे बढ़ाया'

‘ज़नाई भोसले ने AR रहमान के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी दादी आशा भोसले की विरासत को आगे बढ़ाया’

ज़नाई भोसले और ए.आर. रहमान की जादुई साझेदारी

किसी भी कलाकार के लिए अपने सपनों को साकार करना कोई आसान बात नहीं होती। लेकिन जब एक युवा कलाकार अपने दादी के साथ संगीत की दुनिया के दिग्गज का हाथ थामता है, तो यह एक अद्भुत यात्रा बन जाती है। यही कहानी है ज़नाई भोसले की, जो मशहूर गायिका आशा भोसले की पोती हैं। उनके इस नए सफर की शुरुआत ए.आर. रहमान के साथ हुई है, जो न केवल भारतीय संगीत के बेमिसाल ध्वनि के सृजक हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं।

एक सपना सच होता है

ज़नाई ने हाल ही में ए.आर. रहमान के "The Wonderment Tour" के लिए हाथ मिलाया है। यह उनके लिए एक सपने की तरह है, क्योंकि वह भारतीय संगीत की एक महान हस्ती के साथ मंच साझा कर रही हैं। "यह मेरे लिए एक जीवन बदलने वाला अनुभव है। मैंने जब पहली बार उनके साथ गाया, तो उस पल ने मेरी जिंदगी को नया मोड़ दिया," ज़नाई ने कहा।

दादी की विरासत का भार

ज़नाई के लिए ए.आर. रहमान के साथ काम करना सिर्फ एक अवसर नहीं है, बल्कि यह उनकी दादी, आशा भोसले की अद्वितीय विरासत को आगे बढ़ाने की एक जिम्मेदारी भी है। "जब मैंने ये सुना कि मुझे रहमान सर के साथ काम करने का मौका मिला है, तो मैं बस चुप रह गई। उनकी रचनाएँ मास्टरपीस हैं और मेरी दादी ने उन्हें बेमिसाल perfection के साथ गाया है। मैं नहीं चाहती थी कि मैं उनकी विरासत को कमतर साबित करूं," उन्होंने कहा।

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प्रेरणा का स्रोत

रहमान और उनकी दादी से मिली प्रोत्साहन ने ज़नाई को उनके खुद के स्टाइल में गाने का विश्वास दिया। "उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अपने तरीके से गाऊं," ज़नाई ने साझा किया। उनकी पहली लाइव परफॉर्मेंस 3 मई को नवी मुंबई के डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में हुई थी। "उस दिन का अनुभव अद्भुत था। जब दर्शकों ने मेरे गाए दोनों गानों पर प्रतिक्रिया दी, तो मुझे राहत, खुशी और संतोष का एहसास हुआ," उन्होंने कहा।

सीखने की निरंतर प्रक्रिया

रहमान की टीम के साथ प्रशिक्षण लेना ज़नाई के लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव रहा है। "उनकी उपस्थिति में रहकर हर कोई बेहतर संगीतकार बनने के लिए प्रेरित होता है। आप हर पल कुछ नया सीखते हैं," उन्होंने कहा। लेकिन ज़नाई ने यह भी कहा कि उनकी दादी का प्रभाव अब भी उनके कलात्मक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। "उन्होंने मुझे सिखाया है कि खुद को व्यक्त करना कितना महत्वपूर्ण है। वह हमेशा कहती हैं, ‘अपने तरीके से गाओ और उस पर भरोसा करो जो सही लगता है।’"

यह जादुई साझेदारी न केवल संगीत की सीमाओं को पार कर रही है, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को प्रेरित कर सकती है।

यह दिलचस्प यात्रा आप "The Wonderment Tour" पर देख सकते हैं, जो कि विभिन्न शहरों में होने वाली है।

क्या आपको लगता है कि नए कलाकारों को इस तरह के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए? या क्या यह केवल स्थापित कलाकारों के लिए है? आपकी राय क्या है?

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