मस्ती 4 का ट्रेलर: अनोखी और विचित्र कॉमेडी का एक नया सफर
क्या आपने कभी सोचा है कि हास्य की दुनिया में एक ऐसा सफर भी हो सकता है, जो आपको हंसाने के बजाय सोचने पर मजबूर कर दे? मस्ती फ्रेंचाइज़ की नई कड़ी ‘मस्ती 4’ का ट्रेलर इसी तरह की एक दिलचस्प यात्रा का हिस्सा है। आइए जानते हैं इस ट्रेलर की खास बातें और इसके पीछे की कहानी।
मस्ती की पुरानी यादें
मस्ती एक ऐसा नाम है, जिसने भारतीय दर्शकों के दिल में एक खास जगह बनाई है। यह फिल्म फ्रेंचाइज़ हमेशा अपने अनोखे और कभी-कभी अजीबोगरीब हास्य के लिए जानी जाती है। लेकिन जब मैंने ‘मस्ती 4’ का ट्रेलर देखा, तो सच में मुझे यह समझ नहीं आया कि इसे देखकर मैं हंसूं या सिर पकड़कर बैठ जाऊं।
ट्रेलर की अजीबोगरीब बातें
इस बार, रितेश देशमुख, विवेक ओबेरॉय और आफताब शिवदसानी एक नए सफर पर निकले हैं – ‘लव वीजा’ की तलाश में। लेकिन ट्रेलर में जो चीजें नजर आईं, वो एकदम बेतरतीब और बेतुकी लग रही थीं। जैसे ‘लिंगम’, ‘सिंघम’, ‘चिंगम’ जैसे शब्दों की भरमार! क्या ये वास्तव में किसी हास्य फिल्म का हिस्सा हो सकते हैं?
हास्य का नया अंदाज
हालांकि मैं खुद को इस कॉमेडी का हिस्सा नहीं मानता, लेकिन मुझे समझना होगा कि कुछ दर्शक ऐसे भी हैं जो इस तरह की कहानियों को पसंद करते हैं। हालांकि, मेरे लिए यह ट्रेलर एक फनी बोन को छूने में असफल रहा। 70 साल के व्यक्ति द्वारा बेतुके संवाद बोलना और हास्य की परिभाषा को तोड़ना, मुझे तो सिर झुकाने पर मजबूर कर गया।
मस्ती 4: क्या यह एक ज़रूरत है?
मस्ती 4 एक ऐसा प्रयास लग रहा है, जो अपनी सफलता की पुरानी यादों से चिपका हुआ है। क्या यह एक जरूरी फिल्म है? शायद नहीं! यह ट्रेलर दर्शाता है कि हास्य की इस दुनिया में कुछ बातें समय के साथ पुरानी हो जाती हैं।
निष्कर्ष
तो, क्या आपको ‘मस्ती 4’ का ट्रेलर देखना चाहिए? यदि हाँ, तो मैं सच में आपके स्वाद पर सवाल उठाने को मजबूर हूँ! इस फिल्म को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।
आपका क्या कहना है? क्या आपको लगता है कि इस तरह की कॉमेडी आज भी दर्शकों को हंसाने में सफल हो पाएगी? चलिए, इस पर चर्चा करते हैं!









