देव मेनारिया की नई फिल्म ‘बिहू अटैक’ – एक प्रेरणादायक यात्रा
किसी भी अभिनेता की कहानी उस सफर से शुरू होती है जिसमें मेहनत, धैर्य और विश्वास की गहरी छाप होती है। देव मेनारिया के लिए यह यात्रा बॉलिवुड के चमक-दमक से दूर, जयपुर के साधारण रंगमंचों पर शुरू हुई, और अब वह अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘बिहू अटैक’ के साथ एक महत्वपूर्ण सिनेमा मील का पत्थर हासिल करने जा रहे हैं।
स्कूल के दिनों से कला की ओर झुकाव
राजस्थान के उदयपुर से ताल्लुक रखने वाले देव मेनारिया के अंदर का कलाकार उनके स्कूल के दिनों से ही झलकने लगा था। वहाँ उन्होंने संगीत कार्यक्रमों और मंच पर नाटकों में भाग लिया। यही अनुभव उनके अंदर कला के प्रति गहरी रुचि को जन्म देते हैं। जिज्ञासा और महत्वाकांक्षा से प्रेरित होकर, देव ने अपने शहर को छोड़कर जयपुर के रंगमंचों में अपनी कला को निखारना शुरू किया।
विज्ञापन और टेलीविजन की दुनिया में प्रवेश
देव की सिनेमा की यात्रा सामान्य नहीं थी। एक यात्रा कंपनी के साथ काम करते हुए, उन्हें एशियन पेंट्स के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने का मौका मिला, जो उन्हें मुंबई ले गया। इसके बाद देव ने विज्ञापन, प्रोडक्शन हाउस और टेलीविजन सेट्स की दुनिया में खुद को ढालना शुरू किया। यहाँ उन्होंने चुपचाप देखा, सीखा और उद्योग के साथ गहरे रिश्ते बनाए।
निर्देशन और प्रोडक्शन की बारीकियों में डूबना
देव ने अभिनय के अलावा सिनेमा को समझने के लिए तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं में भी गहराई से डूबने का निर्णय लिया। उन्होंने टेलीविजन धारावाहिकों के सेट पर समय बिताया, जिससे उन्हें बड़े पैमाने पर कहानी कहने की कला को समझने में मदद मिली। 2017 में उन्होंने अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी, मेनारिया शांति फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की। यह कदम सीखने से बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव था।
‘बिहू अटैक’ – एक रचनात्मक चुनौती
‘बिहू अटैक’ देव मेनारिया के लिए न केवल एक फिल्म है, बल्कि एक व्यक्तिगत चुनौती और विश्वास की परीक्षा भी। दो सालों की मेहनत के बाद, यह फिल्म अब उनके सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस फिल्म को प्रोड्यूस करने में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे कि तकनीकी सटीकता बनाए रखना और एक मजबूत कास्ट के साथ समन्वय करना।
बिहू अटैक का सार
यह फिल्म असम की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में सेट है और इसमें एक्शन, भावनाएं और राष्ट्रीय भावना का समावेश है। देव एक भारतीय सेना के अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं, जो न केवल शारीरिक सहनशक्ति बल्कि गहरे भावनात्मक जुड़ाव की भी मांग करता है। फिल्म की शूटिंग में कठिन शेड्यूल और वास्तविकता पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
‘बिहू अटैक’ केवल एक एक्शन फिल्म नहीं है, बल्कि यह असम की जीवंत सांस्कृतिक पहचान का जश्न है। इस फिल्म में बिहू उत्सव को न केवल पृष्ठभूमि के रूप में दिखाया गया है, बल्कि यह एक भावनात्मक और कथात्मक शक्ति बनकर उभरता है।
देव मेनारिया का भविष्य
जैसे-जैसे देव मेनारिया आगे बढ़ते हैं, उनका उद्देश्य सार्थक सिनेमा की रचना करना है, जो गहराई और महत्व के साथ संतुलित हो। ‘बिहू अटैक’ के माध्यम से, वे केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक फिल्म निर्माता के रूप में अपनी पहचान बनाने जा रहे हैं।
‘बिहू अटैक’ 14 जनवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है।
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