एक नई कहानी का आगाज़: ‘Maareesan’ के पीछे की सोच
जब हम किसी फिल्म या वेब सीरीज़ की बात करते हैं, तो उसमें न केवल कहानी, बल्कि उसके पीछे की मेहनत और विचारधारा भी महत्वपूर्ण होती है। हाल ही में, फिल्म ‘Maareesan’ के निर्देशक सुदीश शंकर ने इस बात को उजागर किया कि कैसे उन्होंने इस फिल्म को बनाने की प्रेरणा पाई।
कहानी का सफर
सुदीश ने बताया कि ‘Maareesan’ का विचार उन्हें तब आया जब उन्होंने समाज के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया। आज के दौर में, जहां हर कोई अपने-अपने संघर्षों में व्यस्त है, उन्होंने एक ऐसी कहानी तैयार की जो न केवल मनोरंजक हो, बल्कि सामाजिक संदेश भी देती हो।
पात्रों का निर्माण
फिल्म में पात्रों का चयन बहुत सोच-समझकर किया गया है। सुदीश का मानना है कि एक अच्छे किरदार की पहचान उसके संघर्ष में ही होती है। उन्होंने कहा, "हर पात्र एक अलग कहानी बुनता है, जो दर्शकों को उनके जज़्बातों से जोड़ता है।"
दर्शकों से संवाद
सुदीश ने यह भी साझा किया कि वह चाहते हैं कि दर्शक फिल्म देखते समय अपने जीवन की कुछ झलकियाँ उसमें देखें। उन्होंने कहा, "हमारी फिल्म में ऐसे पल हैं जो हर किसी के जीवन में होते हैं। यही तो है असली कनेक्शन।"
आगे का रास्ता
‘Maareesan’ के बाद, सुदीश और उनकी टीम नई कहानियों की खोज में हैं। उनका लक्ष्य है कि वे और भी ऐसी कहानियाँ प्रस्तुत करें जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करें और उन्हें प्रेरित करें।
यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए एक नई दिशा दिखाने का प्रयास है, जो हमें अपने समाज की जटिलताओं को समझने में मदद करेगी।
‘Maareesan’ को आप Netflix पर देख सकते हैं।
क्या आपने कभी सोचा है कि एक फिल्म आपकी सोच और जीवन को कैसे प्रभावित कर सकती है? आपके लिए कौन सी फिल्म सबसे प्रेरणादायक रही है?









