सिंगल सैलमा: एक नई कहानी का आगाज़
क्या आपने कभी सोचा है कि एक स्वतंत्र महिला अपने जीवन में कितनी चुनौतियों का सामना करती है? सिंगल सैलमा एक ऐसी ही कहानी है, जो हमें सैलमा नाम की एक 33 वर्षीय महिला की ज़िंदगी में ले जाती है। सैलमा ने अपने परिवार को सपोर्ट करने में अपनी पूरी ज़िंदगी बिता दी है, लेकिन उसके जीवन का एक बड़ा हिस्सा उसे "सिंगल" के टैग से परिभाषित करता है।
फिल्म में सैलमा की कहानी उस पल से शुरू होती है जब उसके परिवार वाले उसे एक पारंपरिक लड़के, सिकंदर (श्रेयस तलपड़े) से शादी के लिए मजबूर करते हैं। लेकिन जैसे ही उसकी ज़िंदगी एक नई दिशा में बढ़ने लगती है, उसका पुराना प्रेमी, मीट (सनी सिंह), लंदन से वापस आता है। इससे उसकी ज़िंदगी में एक नया मोड़ आता है और वह एक प्रेम त्रिकोण में फंस जाती है।
सैलमा को अपने कर्तव्यों और इच्छाओं, परंपरा और आधुनिकता, लखनऊ और लंदन के बीच संतुलन बनाने में दिक्कत होती है। इस फिल्म में हमें एक तरफ हंसी मिलती है, तो दूसरी तरफ गहरी भावनाएं भी। सिंगल सैलमा एक ऐसी दिल को छू लेने वाली कहानी है, जो आत्म-खोज, स्वतंत्रता और अपने रास्ते को चुनने के साहस का जश्न मनाती है।
इस फिल्म की भाषा हिंदी है और यह एक कॉमेडी-ड्रामा है, जिसमें जीवन के विभिन्न रंगों को खूबसूरती से दर्शाया गया है। फिल्म 31 अक्टूबर 2025 को सिनेमा घरों में रिलीज़ होने वाली है।
क्या आपको लगता है कि सैलमा जैसे किरदारों को हमारे समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए? इस विषय पर आपकी क्या राय है? आइए, इस पर चर्चा करें!








