रंगबाज़: द बिहार चैप्टर – एक अद्भुत कहानी
एक बार की बात है, जब बिहार की राजनीति और अपराध की गलियों में एक ऐसा नाम गूंजता था, जो डर और सम्मान दोनों का प्रतीक बन चुका था। यही कहानी है "रंगबाज़: द बिहार चैप्टर" की, जो हमें ले जाएगी उस अंधेरे और रोमांचक सफर पर, जहां एक छोटे से गुंडे से लेकर एक ताकतवर नेता बनने की कहानी है।
यह फिल्म, जो रंगबाज़ श्रृंखला का तीसरा भाग है, हमें दिखाती है कि कैसे हरून शाह अली बैग, जिसे लोग ‘साहब’ के नाम से जानते हैं, ने अपने जीवन में उतार-चढ़ाव देखे हैं। साहब एक ऐसा व्यक्ति है, जो गरीबों के लिए स्कूल और अस्पताल बनाता है, लेकिन अपनी ताकत को बनाए रखने के लिए वह हिंसा का भी सहारा लेने से नहीं चूकता। यह कहानी हमें दिखाती है कि सत्ता की चाह में इंसान किस तरह अपने सिद्धांतों से समझौता कर सकता है।
फिल्म की पृष्ठभूमि 1980 से 2010 के बीच की है, जब बिहार की राजनीतिक स्थिति बेहद संवेदनशील थी। साहब की कहानी उस समय की राजनीति, विश्वासघात और बदलते रिश्तों का एक दिलचस्प मिश्रण है। जब वह संसद का सदस्य बनता है, तो उसे अपने दुश्मनों से भी जूझना पड़ता है, जो उसके बढ़ते साम्राज्य को चुनौती देते हैं।
इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं विनीत कुमार सिंह, जो साहब के किरदार को जीवंत करते हैं। उनके साथ हैं आकांक्षा सिंह, विजय मौर्य, और राजेश टेलंग जैसे कलाकार, जो इस कहानी को और भी दिलचस्प बनाते हैं। यह फिल्म केवल एक थ्रिलर नहीं है, बल्कि यह हमें एक ऐसे व्यक्ति की कहानी दिखाती है, जो अपने आस-पास के लोगों के लिए एक प्रेरणा बनता है, जबकि खुद अंधेरे रास्तों पर चलता है।
"रंगबाज़: द बिहार चैप्टर" 31 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, और ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर 30 अक्टूबर 2025 को स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी।
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