देवखेेल: एक अनकही कहानी का सफर
जब हम एक नई वेब सीरीज़ या फिल्म का सामना करते हैं, तो उम्मीदें और उत्साह दोनों ही हमारे साथ होते हैं। लेकिन कभी-कभी, ये उम्मीदें अधूरी रह जाती हैं। ‘देवखेेल’ इसी तरह की एक कहानी है, जिसमें हमें एक दिलचस्प कथानक और कुछ बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिलते हैं, लेकिन इसे बेहतर तरीके से पेश किया जा सकता था।
कहानी का सार
‘देवखेेल’ की कहानी एक सामान्य सी दिखने वाली पृष्ठभूमि में छिपी हुई है, जहां 15 दिनों में 15 हत्या होती हैं। शांत स्वभाव के इंस्पेक्टर विश्वास को अपनी व्यक्तिगत भावनाओं को एक ओर रखते हुए इस जटिल मामले को सुलझाना है। यह एक ऐसा विषय है जो दर्शकों को खींचता है, लेकिन इसे चित्रित करने में कुछ कमी रह जाती है।
अभिनय का जादू
अंकुश चौधरी ने इंस्पेक्टर विश्वास का किरदार निभाया है, और उनकी मेहनत सच में सराहनीय है। वे अपने हल्के-फुल्के स्वभाव से शुरुआत करते हैं, लेकिन जब बात गंभीरता की आती है, तो उनकी असली प्रतिभा सामने आती है। हालांकि, कई महत्वपूर्ण पलों के बावजूद, उनका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं हो पाता।
निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी
चंद्रकांत लता गायकवाड़ का निर्देशन कुछ नए प्रयोगों के संकेत देता है, लेकिन वे उन प्रयोगों को पूरी तरह से साकार नहीं कर पाते। सिनेमैटोग्राफी सरल और प्रभावशाली है, लेकिन कहानी की गहराई को नहीं छू पाती।
संगीत और प्रभाव
संगीत कहानी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन कभी-कभी यह पृष्ठभूमि में खो जाता है। कुछ दृश्य सच में दिल छू लेने वाले होते हैं, जैसे कि प्रजक्ता माली का किरदार, जो एक गहरे रहस्य में फंसी हुई है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया
सीरीज़ की गति कभी-कभी सुस्त लगती है, और कई बार कहानी में नई बात नहीं होती। हालांकि, कुछ पल ऐसे हैं जो दर्शकों को बांधने में सफल होते हैं। लेकिन कुल मिलाकर, यह एक बार देखने लायक अनुभव है, खासकर जब आपके पास कुछ और देखने को न हो।
निष्कर्ष
‘देवखेेल’ एक बार देखने लायक है, लेकिन यह अपने प्रशंसा के साथ-साथ अपनी सीमाओं को भी दर्शाता है। यह सीरीज़ ZEE5 पर 30 जनवरी 2026 को रिलीज़ होने जा रही है और इसे 5 में से 3 रेटिंग दी गई है।
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