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'Do Deewane Seher Mein ट्रेलर समीक्षा: सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर ने ‘इश्क और रिश्तों’ की सबसे सरल कहानी पेश की और अचानक मुझे अपराधबोध महसूस हुआ!'

‘Do Deewane Seher Mein ट्रेलर समीक्षा: सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर ने ‘इश्क और रिश्तों’ की सबसे सरल कहानी पेश की और अचानक मुझे अपराधबोध महसूस हुआ!’

दो दीवाने शहर में: एक नया रोमांस

क्या आपने कभी किसी को सिर्फ उनकी शक्ल, बात करने के तरीके या किसी और बाहरी गुण के आधार पर जज किया है? अगर हां, तो "दो दीवाने शहर में" का ट्रेलर आपको उस पल की याद दिलाने वाला है, और शायद आप थोड़े guilty भी महसूस करेंगे! हम सभी के दिल में किसी खास के लिए कुछ मानक होते हैं, है ना?

प्यार के अद्भुत नियम

रोशनी और शशांक के लिए भी यही बात लागू होती है। दोनों ने अपने पार्टनर्स के लिए कुछ नियम बना रखे हैं। अगर शशांक अपना नाम सही तरीके से बोल पाता, तो शायद वो रोशनी के लिए और भी आकर्षक होते। लेकिन उनका एक बड़ा flaw है – वो ‘श’ नहीं बोल पाते। और यह तो हमारे देश में एक आम समस्या है!

आत्म-संदेह और खोज

दूसरी ओर, रोशनी खुद को सुंदर नहीं मानती। ये दोनों असामान्य आत्माएं एक-दूसरे में अपने लिए एकदम सही साथी की तलाश में हैं… लेकिन क्या ये सच में एक-दूसरे के लिए बने हैं? "दो दीवाने शहर में" एक अनोखी प्रेम कहानी है, जो आपको मुस्कुराने पर मजबूर कर देगी। फिर भी, यह एक गहरी सच्चाई पर चोट करती है, और आप सोचेंगे, “मैं भी यहाँ से गुजरा हूँ… यह किया है।”

वास्तविकता की खूबसूरती

ट्रेलर में कोई ख्वाब जैसा सेटअप या ओवर-द-टॉप प्रपोजल नहीं है। बल्कि, यह दो लोगों की कहानी है, एक हलचल भरे शहर में, और उन परेशानियों की खूबसूरत असलियत को दिखाता है, जो हमें एक-दूसरे के साथ रहने के लिए सामना करना पड़ता है। यह उन शांत पलों के बारे में है – साझा की गई चाय, अजीब चुप्पियाँ, और वो एक ‘रिलेशनशिप फ्लॉ’ जिसे हम सभी छुपाने की कोशिश करते हैं।

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अद्वितीय किरदार

सिद्धांत चतुर्वेदी का किरदार एक साधारण शहर के लड़के की इमेज को बखूबी निभाता है, जो अपने flaws को पार करते हुए प्यार में पड़ जाता है। वो कोई हीरो बनने की कोशिश नहीं कर रहा; बस एक प्यार में डूबा हुआ आदमी है, जो आत्म-संदेह और आत्म-प्रेम की जटिलताओं का सामना कर रहा है। वहीं, मृणाल ठाकुर की परफेक्शन हर किरदार में झलकती है। क्या ऐसा कोई किरदार है जिसमें वो हमें सपोर्ट करने पर मजबूर नहीं करती? मुझे तो शक है!

रिश्तों की सच्चाई

ट्रेलर उन छोटी गलतियों को छूता है, जो हम रिश्तों में करते हैं – स्वार्थ, संवाद की कमी। यह हमें एक आईने में देखने की कोशिश करता है, और इसलिए यह अलग तरह से प्रभावित करता है। शहर खुद एक किरदार की तरह लगता है, और बैकग्राउंड स्कोर कहानी को बखूबी प्रस्तुत करता है।

"दो दीवाने शहर में", जिसमें मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी हैं, का निर्देशन रवि उद्यवार ने किया है। यह फिल्म संजय लीला भंसाली, प्रेर्णा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भारत कुमार रंगा द्वारा निर्मित है। यह रोमांटिक ड्रामा वैलेंटाइन वीक के आस-पास, 20 फरवरी 2026 को रिलीज़ होने वाला है।

क्या आप इस फिल्म के ट्रेलर को देखकर खुद को उस स्थिति में पा रहे हैं, जहाँ प्यार और रिश्तों में उतार-चढ़ाव के अनुभवों को समझते हैं? क्या आपने कभी सोचा है कि आपके रिश्तों में कौन सी छोटी बातें बड़ा बदलाव ला सकती हैं?

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