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'Kankhajura की समीक्षा: रोशन मैथ्यू की अद्भुत एकल सिम्फनी में मोड़ों की कहानी 3.5/5 SonyLIV'

‘Kankhajura की समीक्षा: रोशन मैथ्यू की अद्भुत एकल सिम्फनी एक मोड़ भरी कहानी में 3.5/5 SonyLIV’

कंकहजूरा: एक अद्भुत सफर की कहानी

कभी-कभी, हमारे जीवन में ऐसे मोड़ आते हैं जो हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं। “कंकहजूरा” एक ऐसी ही कहानी है, जो हमें एक व्यक्ति की आंतरिक लड़ाई के साथ-साथ उसके बाहरी संघर्षों में ले जाती है। इस वेब सीरीज में रोशन मैथ्यू ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया है, और यह कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपने अस्तित्व के लिए कुछ भी कर सकते हैं?

कहानी की शुरुआत होती है आशु (रोशन मैथ्यू) से, जो 14 साल की सजा काटने के बाद जेल से रिहा होता है। उसके भाई मैक्स (मोहित रैना) उसे घर लाने के लिए उत्सुक है, लेकिन उसके मित्र पेड्रो (निनाद कामत) और शार्दुल (महेश शेट्टी) उसके लौटने से खुश नहीं हैं। गोवा में एक भव्य कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए इन तीनों का एक मिशन है, लेकिन इस खुशहाल दिखने वाले सफर के पीछे कई गहरे रहस्य छिपे हैं। आशु अपने पुराने दोस्तों में शामिल होने की कोशिश करता है, लेकिन उन्हें अपने बीच देखकर वह खुद को और भी अलग-थलग महसूस करता है, जो उसे हिंसक कदम उठाने पर मजबूर करता है।

कंकहजूरा की कहानी केवल एक व्यक्ति के संघर्ष से आगे बढ़ती है। यह मनुष्य की जटिलताओं को दर्शाती है, जिनमें आशु की चाहत सबसे प्रमुख है: अपने भाई से स्वीकृति। पूरी सीरीज में, हमें यह महसूस होता है कि आशु एक “परजीवी” की तरह है—जो अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। लेकिन इस परिभाषा में गहराई है; आशु केवल एक स्वार्थी व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह अपने अस्तित्व की तलाश में है।

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इस वेब सीरीज का निर्देशन चंदन अरोड़ा ने किया है, जिन्होंने पहले भी कई चर्चित काम किए हैं। कहानी में कई मोड़ों और रहस्यों का समावेश है, जो दर्शकों को बांधे रखता है। रोशन मैथ्यू की अदाकारी इस सीरीज को और भी खास बनाती है। उन्होंने अपने किरदार को जीवंत रूप दिया है, जिससे दर्शक उसके साथ जुड़ते हैं। उनकी मानसिकता और भावनाएं हमें गहराई तक छूती हैं।

हालांकि, जब कहानी आशु से अन्य पात्रों की ओर मुड़ती है, तो कुछ जगहों पर लेखन में कमी महसूस होती है। पात्रों की गहराई कम हो जाती है और कई महत्वपूर्ण क्षणों का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जाता। इसका असर कहानी की गति पर पड़ता है, खासकर अंत में, जहां सब कुछ अचानक तेजी से खत्म होता है।

कंकहजूरा की सिनेमैटोग्राफी और संगीत भी उल्लेखनीय हैं।visuals हमें उस गहरे अंधेरे में ले जाते हैं जिसमें आशु जीता है, और संगीत हर भावनात्मक क्षण को और भी प्रभावशाली बनाता है। मोहित रैना की परफॉर्मेंस भी सराहनीय है, जो एक जटिल और भावनात्मक रूप से स्थिर बड़े भाई का किरदार निभाते हैं।

कंकहजूरा एक ऐसा अनुभव है जो आपको अंत तक बांधे रखता है। यह एक चरित्र-आधारित मनोवैज्ञानिक ड्रामा है, जिसमें गहरी भावनाएं और रहस्य छिपे हुए हैं। अगर आप एक ऐसी कहानी की तलाश में हैं जो आपको सोचने पर मजबूर करे, तो यह सीरीज आपके लिए है।

कंकहजूरा 30 मई 2025 को SonyLIV पर रिलीज हुई है और इसे 5 में से 3.5 रेटिंग दी गई है।

क्या आप भी कभी किसी ऐसे व्यक्ति के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार हुए हैं, जिसे आप प्यार करते हैं? यह सवाल आपको सोचने पर मजबूर करेगा।

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