फिल्म ‘माँ’ (2025) की कहानी: एक मातृ शक्ति की अनकही दास्तान
किसी भी कहानी में जहाँ प्यार और त्याग का बंधन होता है, वहाँ एक माँ का स्थान सबसे ऊपर होता है। इसी भावना को लेकर आई है फिल्म ‘माँ’, जो एक मिथकीय हॉरर ड्रामा है और इसे डायरेक्ट किया है विशाल फुरिया ने। इस फिल्म में काजोल ने एक ऐसी माँ का किरदार निभाया है, जो न केवल अपने बच्चों की रक्षा करती है, बल्कि एक अद्भुत शक्ति का भी प्रतीक है।
कहानी का केंद्र बिंदु है अच्छाई और बुराई के बीच का शाश्वत संघर्ष। काजोल, जो इस फिल्म में एक प्रोटेक्टिव माँ का किरदार अदा कर रही हैं, एक छोटी लड़की के साथ खड़ी हैं, जो खून और चोटों से भरी हुई नजर आती है। यह दृश्य दर्शाता है कि कैसे माँ और बेटी के बीच का रिश्ता एक अद्भुत और डरावनी दुनिया में भी मजबूत बना रहता है, जहां उन्हें अलौकिक शक्तियों का सामना करना पड़ता है।
फिल्म में काजोल के साथ रोनित रॉय और इंद्रनील सेनगुप्ता जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। इसे अजय देवगन और ज्योति देशपांडे ने प्रोड्यूस किया है, जबकि कुमार मंगल पाठक सह-प्रोड्यूसर हैं।
इस फिल्म का ट्रेलर भी दर्शकों को काफी आकर्षित कर चुका है, जिसमें कई दमदार संवाद सुनने को मिलते हैं, जैसे:
- "जब माँ का गुस्सा देवी का रूप ले लेता है, तो पाप का नाश निश्चित है।"
- "यह सिर्फ एक माँ नहीं, एक शक्ति है जो अंधकार से लड़ने आई है।"
- "काली के चरणों में जो माँ ने अर्पण किया है, उससे कोई दैत्य नहीं छीन सकता।"
- "माँ कभी हार नहीं मानती, चाहे सामने मौत ही क्यों न हो।"
फिल्म ‘माँ’ 27 जून, 2025 को रिलीज हुई थी और अब यह 22 अगस्त, 2025 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।
अब जब आप इस फिल्म को देखेंगे, तो क्या आप सोचते हैं कि माँ की शक्ति और उसकी ममता केवल इस फिल्म तक सीमित है, या यह हमारे जीवन में भी एक वास्तविकता है? अपनी राय कमेंट में जरूर शेयर करें!









