फिल्म ‘माई लॉर्ड’ (2026) – एक अनकही कहानी
हर व्यक्ति की ज़िंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है, जो सब कुछ बदल देता है। ऐसी ही एक कहानी है फिल्म ‘माई लॉर्ड’ की, जो हमें दिखाती है कि कैसे एक साधारण आदमी की पहचान छिन सकती है और कैसे वह उस पहचान को वापस पाने के लिए लड़ेगा।
कहानी है मुथुसिरपी (जिसका किरदार निभा रहे हैं एम. सासिकुमार) की, जो एक गरीब और बौद्धिक रूप से दबा हुआ व्यक्ति है। अचानक उसकी ज़िंदगी में भूचाल आ जाता है जब उसे पता चलता है कि सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत घोषित कर दिया गया है। सोचिए, एक व्यक्ति जो जीवित है, उसे कैसे इस प्रशासनिक गलती से निपटना पड़ेगा। मुथुसिरपी को अपने अस्तित्व को साबित करने के लिए एक भ्रष्ट और कठोर ब्यूरोक्रेसी का सामना करना होगा।
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, मुथुसिरपी को एक बड़े किडनी तस्करी के रैकेट का पता चलता है, जो शक्तिशाली राजनेताओं से जुड़ा है। ये वही लोग हैं जिन्होंने उसकी ज़िंदगी को बर्बाद किया। इस फिल्म में न केवल एक व्यक्ति की कहानी है, बल्कि यह एक सशक्त सामाजिक टिप्पणी भी है, जो हमें दिखाती है कि कैसे अमीर वर्ग अपने स्वार्थ के लिए गरीबों का शोषण करता है। फिल्म का यह दृष्टिकोण हमें हंसाते हुए सोचने पर मजबूर करता है।
फिल्म का निर्देशन किया है राजू मुरुगन ने, जिनकी दृष्टि से यह कहानी और भी दिलचस्प बन जाती है। फिल्म में सासिकुमार के अलावा चैतरा आचार, गुरु सोमसुंदरम, आशा शरथ, जयप्रकाश, गोपी नैनार, और वासुमित्र जैसे कलाकार भी हैं, जो अपने अभिनय से इसे और भी जीवंत बनाते हैं।
फिल्म की म्यूजिक का काम संभाला है शॉन रोल्डन ने, जो हमें एक अद्भुत संगीत यात्रा पर ले जाता है।
‘माई लॉर्ड’ 12 फरवरी, 2026 को थियेटर में रिलीज़ होने जा रही है। अभी यह किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।
क्या आप कभी सोचते हैं कि अगर आपको अपनी पहचान साबित करने के लिए ऐसे हालातों का सामना करना पड़े, तो आप क्या करेंगे? यह फिल्म आपको निश्चित रूप से सोचने पर मजबूर करेगी। चलिए, इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करते हैं!








