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Neelam Kothari ने Govinda के साथ अपने अफेयर पर की बात, बोलीं 'मुझे लगता है कि लिंक-अप्स पूरे खेल का हिस्सा थे...'

Neelam Kothari ने Govinda के साथ अपने अफेयर पर की बात, बोलीं ‘मुझे लगता है कि लिंक-अप्स पूरे खेल का हिस्सा थे…’

दिलचस्प कहानी: नीलम कोठारी और गोविंदा के बीच की सचाई

बॉलीवुड की दुनिया में अफवाहें उड़ना एक आम बात है, लेकिन जब बात होती है नीलम कोठारी और गोविंदा की, तो सच्चाई को जानने की जिज्ञासा और भी बढ़ जाती है। पिछले कुछ महीनों से, गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की शादी में आई परेशानियों की खबरें मीडिया में छाई हुई हैं। इसी बीच, नीलम के साथ उनके कथित रिश्ते की बातें भी फिर से तैरने लगी हैं। आइए जानते हैं नीलम ने इस पर क्या कहा।

नीलम ने किया अफवाहों का खंडन

हाल ही में, नीलम कोठारी ने उषा काकड़े प्रोडक्शंस के एक पॉडकास्ट में अपने और गोविंदा के रिश्ते के बारे में बात की। जब उनसे इस संबंध में सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब तुरंत और स्पष्ट था। उन्होंने कहा, “ओ तेरा, किसने कहा ये? गोविंदा जी बहुत अच्छे इंसान हैं, लेकिन ये सच नहीं है। हम दोनों ने कई हिट फिल्में की हैं, लेकिन हमारे बीच कुछ नहीं है।”

नीलम ने यह भी बताया कि 1990 के दशक में मीडिया की दुनिया कैसे थी। उन्होंने कहा, “उस समय लिंक-अप्स एक तरह का हिस्सा बन गए थे। कोई भी सचाई बताने वाला नहीं था। जो मन में आया, वो छाप दिया। हम उस समय प्रेस से डरते थे, क्योंकि कलम की ताकत बहुत बड़ी थी। अगर आप दो-तीन फिल्में एक साथ कर लेते, तो सब समझ लेते कि आप दोनों का रिश्ता है।”

गोविंदा और नीलम की जोड़ी

गोविंदा और नीलम की जोड़ी 90 के दशक में दर्शकों के दिलों में बस गई थी। इऩकी जोड़ी ने ‘इल्जाम’, ‘लव 86’, ‘खुदगर्ज’, ‘हत्या’ और ‘सिंदूर’ जैसी फिल्मों में शानदार प्रदर्शन किया। उनके बीच की केमिस्ट्री ने उन्हें एक ख़ास पहचान दिलाई। इस लोकप्रियता के कारण उन पर कई तरह की अफवाहें भी उड़ती रहीं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, गोविंदा ने एक बार कहा था कि वे नीलम की कितनी प्रशंसा करते हैं, जिसने और भी गपशप को हवा दी। हालांकि, नीलम हमेशा कहती रही हैं कि ये सब मीडिया की रचना है।

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90 के दशक का फिल्म उद्योग

नीलम का बयान इस बात को फिर से उजागर करता है कि 90 के दशक का फिल्म उद्योग कितना अलग था। उस समय फिल्मों के साथ-साथ अफवाहों का भी एक अलग ही खेल चलता था।

इसलिए, क्या आप भी मानते हैं कि मीडिया की शक्ति आज भी वैसी ही है? या क्या अब समय बदल गया है? अपने विचार हमारे साथ साझा करें!

यह कहानी आपको कैसी लगी? और अगर आप इस विषय पर और जानना चाहते हैं, तो इसे देखना न भूलें—यह वेब सीरीज़ Netflix पर उपलब्ध है।

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