फिल्म "Parasakthi": एक दिलचस्प यात्रा
क्या आपने कभी सोचा है कि एक आवाज़ एक समूची पीढ़ी को कैसे बदल सकती है? फिल्म "Parasakthi" हमें इसी यात्रा पर ले जाती है। यह फिल्म 14 जनवरी 2026 को रिलीज़ होने वाली है और हमें एक ऐसे युवा क्रांतिकारी की कहानी सुनाती है, जो तमिलनाडु के 1965 के राजनीतिक माहौल में अपनी पहचान बनाता है।
कहानी की शुरुआत होती है जब देश में हिंदी विरोधी आंदोलन ने जोर पकड़ा। हमारे नायक, जिसे शिवकार्तिकेयन ने निभाया है, इस आंदोलन का एक महत्वपूर्ण चेहरा बनता है। यह केवल एक भाषा की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह तमिल संस्कृति, पहचान और आत्म-सम्मान की भी लड़ाई है। जब छात्र आंदोलन तेज़ी से बढ़ते हैं और तनाव बढ़ता है, तो वह खुद को एक ऐसे संघर्ष के केंद्र में पाता है, जहाँ उसे अपनी आवाज़ को उठाना है।
इस फिल्म में न केवल नायक के साहस और संकल्प की कहानी है, बल्कि उसके साथ खड़े कुछ दोस्तों और खतरनाक विरोधियों की भी। हर पात्र अपनी अलग कहानी और मकसद लेकर आता है, जो फिल्म को और भी दिलचस्प बनाता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, हमें एक राजनीतिक थ्रिलर का अनुभव होता है, जो भावनाओं, विद्रोह और एक पीढ़ी की आग से भरी हुई है, जो चुप नहीं रहना चाहती।
"Parasakthi" एक गहन, नाटकीय और मानवता की गहरी समझ प्रदान करने वाली फिल्म है, जो एक ऐतिहासिक मोड़ को नए सिरे से पेश करती है। यह फिल्म न केवल तमिल इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना को उजागर करती है, बल्कि हमें हमारे अधिकारों और पहचान के लिए खड़ा होने का भी संदेश देती है।
आप इस फिल्म को थिएटर में देख सकेंगे, क्योंकि अभी यह किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।
क्या आप भी इस यात्रा में शामिल होना चाहेंगे? क्या आपको लगता है कि एक आवाज़ वाकई में बदलाव ला सकती है? अपने विचार नीचे कमेंट में साझा करें!









