फिल्म: पेनुम पोрат्टुम
2026 में रिलीज़ होने वाली मलयालम फिल्म "पेनुम पोрат्टुम" एक दिलचस्प कॉमेडी-ड्रामा है, जो पट्टाडा नामक एक छोटे से गांव की कहानी बयां करती है। यह गांव न केवल अपने खूबसूरत दृश्यों के लिए जाना जाता है, बल्कि वहां की हिंसा और कठोर सामाजिक न्याय के लिए भी।
इस फिल्म की कहानी मुख्य रूप से तीन पात्रों के इर्द-गिर्द घूमती है: गोपालन मास्टर, चारुलथा और सुत्तू। ये तीनों अपने-अपने तरीके से गांव में फैली पीड़ा, अफवाहें और नैतिक पुलिसिंग का सामना करते हैं। चारुलथा, जो गांव के जीवन के तिरस्कृत कोने में धकेल दी गई है, अपने ऊपर थोपे गए नियंत्रण और निगरानी के खिलाफ खड़ी होती है। उसकी व्यक्तिगत लड़ाई धीरे-धीरे एक सार्वजनिक संघर्ष में बदल जाती है, जहां वह अपने चारों ओर के दमनकारी सिस्टम को चुनौती देती है।
वहीं, सुत्तू, जो एक डेल्मेटियन कुत्ता है, कुछ कहानियों में स्वतंत्रता की चाहत का प्रतीक है। वह इंसानी दुनिया के अराजकता को देखता है और अंत में भागने का फैसला करता है, जबकि चारुलथा पट्टाडा के अंतहीन हिंसा, अफवाहों और अन्याय के चक्र में फंसी रहती है।
यह फिल्म सामाजिक टिप्पणी, काले हास्य और गांव की कच्ची वास्तविकता को मिलाकर पेश करती है, यह दर्शाती है कि कैसे भय, नैतिक घबड़ाहट और सामूहिक उन्माद लोगों के जीवन को आकार देते हैं।
"पेनुम पोрат्टुम" का प्रीमियर बड़े फिल्म महोत्सवों में हुआ और इसकी थिएटर रिलीज़ 6 फरवरी, 2026 को होगी। यह अभिनेता राजेश माधवन की डायरेक्शन में पहली फिल्म है, जो दर्शकों को एक नई दृष्टि प्रदान करती है।
आप इस फिल्म को थिएटर में देखकर उसके जादू का अनुभव कर सकते हैं।
क्या आप सोचते हैं कि समाज में व्याप्त नैतिक पुलिसिंग के खिलाफ खड़ा होना कितना मुश्किल है? क्या आप कभी ऐसे किसी संघर्ष का हिस्सा रहे हैं? अपने अनुभव हमारे साथ साझा करें!









