थोड़े दूर, थोड़े पास: एक अनोखी कहानी
आजकल के इस डिजिटल युग में, जब हर पल को कैद किया जाता है, पोस्ट किया जाता है और स्क्रॉल किया जाता है, ज़ी5 की आने वाली वेब सीरीज़ "थोड़े दूर, थोड़े पास" एक ताज़ा याद दिलाने के लिए आ रही है। कभी-कभी सबसे अच्छे रिश्ते इंटरनेट से दूर, वास्तविकता में बनते हैं। यह शो हमें डिजिटल भागदौड़ से बाहर निकलने का आमंत्रण देता है और हमें याद दिलाता है कि असली खुशी परिवार, हंसी और प्यार में है।
एक अद्भुत परिवार की कहानी
इस दिलचस्प ड्रामा-कॉमेडी को 7 नवंबर 2025 को ज़ी5 पर विशेष रूप से रिलीज़ किया जाएगा। इसे मनीष त्रेहन, शैलेश संगवी और नलेश गाडा ने प्रोड्यूस किया है, और इसकी निर्देशन की जिम्मेदारी अजॉय भुइंया ने संभाली है। इस शो में पंकज कपूर, मोना सिंह और कुणाल रॉय कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह कहानी एक आधुनिक भारतीय परिवार की है, जो एक छत के नीचे रहते हुए भी स्क्रीन और नोटिफिकेशंस के जरिए एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं।
डिजिटल डिटॉक्स का मज़ा
जब अचानक एक मोड़ उन्हें unplug होने के लिए मजबूर करता है, तो वे एक-दूसरे के साथ सच में उपस्थित होने की खुशी को फिर से खोजते हैं। "थोड़े दूर, थोड़े पास" यह सवाल उठाता है — क्या एक परिवार सच में डिजिटल उपकरणों के बिना जी सकता है?
तकनीक और रिश्तों का रिश्ता
गर्म और यादगार बैकड्रॉप पर आधारित, यह सीरीज़ हास्य और भावनाओं का मिश्रण है और यह दिखाती है कि कैसे तकनीक ने हमारे रिश्तों को नया आकार दिया है। यह दर्शकों को उस समय में ले जाती है जब बातचीत वास्तविक होती थी, धैर्य एक गुण था, और परिवार का समय वाई-फाई की ज़रूरत नहीं होती थी। शो हमें याद दिलाता है कि असली बातचीत, साझा हंसी और घर का अनफिल्टर्ड हंगामा ही जीवन को महत्वपूर्ण बनाते हैं।
निर्माताओं की बातें
निर्देशक अजॉय भुइंया ने कहा, “’थोड़े दूर, थोड़े पास’ ऐसी कहानी है जो मेरे मन से कभी नहीं गई। हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ डिजिटल शोर लगातार बना रहता है, और यह शो उस वक्त को दर्शाता है जब यह शोर अचानक बंद हो जाता है। यह सिर्फ ऑफ़लाइन जाने की बात नहीं है; यह उस खोई हुई चीज़ को फिर से खोजने की बात है जो हम हर समय जुड़े रहने की प्रक्रिया में खो देते हैं।”
प्रोड्यूसर मनीष त्रेहन ने कहा, “यह कहानी आज के समय की जरूरत है। यह एक गर्म और मज़ेदार कहानी है जहाँ असली चुनौती यह नहीं है कि हम बिना वाई-फाई के कैसे जीते हैं, बल्कि यह है कि हम अपने आसपास के लोगों से फिर से कैसे जुड़ें।”
अंत में
तो, तैयार हो जाइए इस दिल को छूने वाली कहानी के लिए जो हमें यह सिखाएगी कि रिश्ते स्क्रीन से परे भी हो सकते हैं। इसे ज़ी5 पर देखना न भूलें।
क्या आपको लगता है कि हम सच में अपने परिवार के साथ अधिक समय बिता सकते हैं अगर हम अपने डिजिटल उपकरणों से थोड़ी देर के लिए दूर हो जाएं? आपके विचार क्या हैं?








