रामायण: एक महाकाव्य की तैयारी
जैसे ही 2 अप्रैल को रामायण का पहला झलक सामने आया, इंटरनेट पर हलचल मच गई। रणबीर कपूर ने भगवान राम के रूप में जो अवतार लिया है, वह दर्शकों के दिलों में बस गया है। इस फिल्म की भव्यता ने हर किसी को चौंका दिया है। लेकिन इस बढ़ती उत्सुकता के बीच, निर्माता नमित मल्होत्रा ने सबको चौंका दिया। उन्होंने ₹700 करोड़ का OTT डील ठुकरा दिया।
मूल्य बढ़ाने का विश्वास
यह ₹700 करोड़ का प्रस्ताव फिल्म के दो भागों के डिजिटल अधिकारों के लिए था। हालांकि यह प्रस्ताव बहुत बड़ा है, लेकिन निर्माण टीम को पूरा यकीन है कि उनकी फिल्म की कीमत इससे कहीं अधिक है। सूत्रों के अनुसार, नमित मल्होत्रा कोई भी डील ₹1000 करोड़ से कम पर नहीं मानने के लिए तैयार हैं।
फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार, निर्माता ₹1000 करोड़ के करीब की राशि की उम्मीद कर रहे हैं। OTT के अलावा, उनकी अधिकांश कमाई सिनेमा हॉल से होगी, न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी। चूंकि फिल्म बनाने में ₹4000 करोड़ का खर्च आया है, इसलिए इससे कम की उम्मीद नहीं की जा सकती।
वैश्विक दर्शकों के लिए बनी फिल्म
रामायण को एक साधारण बॉलीवुड फिल्म की तरह नहीं बनाया जा रहा; यह एक महाकाव्य है। निर्माता एक विशाल वैश्विक पहुंच की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें अभिनेता यश भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाले VFX पर भारी निवेश किया जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा किया जा सके।
यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही है, और इसकी योजना लंबे समय तक उत्सुकता बनाए रखने की है। पहले भाग की रिलीज़ दिवाली 2026 में होने वाली है, जबकि दूसरे भाग का आगाज़ दिवाली 2027 में होगा। टीज़र को मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स के साथ, टीम अब इस भव्यता और चर्चा पर दांव लगा रही है कि बाद में वे एक और बड़ा डील हासिल कर सकें।
एक महाकाव्य की तैयारी का इंतजार
रामायण को लेकर उम्मीदें आसमान छू रही हैं। यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। यह फिल्म हर भारतीय के दिल के करीब है और हमें गर्व महसूस कराती है।
आपको क्या लगता है, क्या नमित मल्होत्रा का यह साहसिक फैसला सही है? क्या भारत की फिल्म इंडस्ट्री को ऐसी महाकाव्य कहानियों पर और अधिक ध्यान देना चाहिए?
यह महाकाव्य जल्द ही आपके पसंदीदा प्लेटफॉर्म, Prime Video पर उपलब्ध होगा।








