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'Sheshippu समीक्षा: मीनाकshi जयन-रशीद रहमान की फिल्म एक दर्द भरी और यादों से भरी कहानी है 2.5/5 सन एनएक्सटी'

‘Sheshippu समीक्षा: मीनाकshi जयन-रशीद रहमान की फिल्म एक दर्द भरी और यादों से भरी कहानी है 2.5/5 सन एनएक्सटी’

शेषिप्पु: एक संवेदनशील यात्रा

जब हम सिनेमा की दुनिया में कदम रखते हैं, तो अक्सर हमें ऐसी कहानियाँ मिलती हैं जो हमारी आत्मा को छू जाती हैं। "शेषिप्पु" भी ऐसी ही एक फिल्म है, जो हमें मानसिक आघात और एकाकीपन की गहराइयों में ले जाती है। यह कहानी है दो टूटे हुए दिलों की, जो अपनी-अपनी दुखों को साझा करते हुए एक अद्भुत बंधन बना लेते हैं।

कहानी का सार

फिल्म की कहानी एक भयभीत और घायल महिला, अंजू, और पावी, एक गूढ़ लेखक, के इर्द-गिर्द घूमती है। जब पावी, पहाड़ियों में स्थित अपने दोस्त के घर में रह रहा होता है, तभी उसकी मुलाकात अंजू से होती है, जो अपने अतीत के संकटों से जूझ रही है। उनकी जिंदगी में आए इस अचानक मोड़ से, दोनों के बीच एक गहरा रिश्ता बनता है। यह रिश्ता केवल सहानुभूति का नहीं, बल्कि एक-दूसरे को सहारा देने का भी है।

अद्भुत अभिनय

इस फिल्म में मेनाक्षी जयन ने अंजू की भूमिका निभाई है, जो निस्संदेह शानदार है। उनका अभिनय दर्शकों को अतीत के दर्द और वर्तमान की जद्दोजहद को महसूस कराता है। अंजू की कहानी दर्शाती है कि कैसे वह अपने माता-पिता की रक्षा करने का सपना देखती है, जबकि उसके अतीत का बोझ उसे आगे बढ़ने से रोकता है। उनकी भावनाओं का गहराई से चित्रण फिल्म को और अधिक संवेदनशील बनाता है।

पावी के किरदार में राजन पूथारक्कल और रशिद रहमान ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। तीन मुख्य पात्रों के साथ यह फिल्म अपने सरलता में गहराई का अहसास कराती है।

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निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी

फिल्म का निर्देशन श्रीजित एस. कुमार और ग्रिट्टो विन्सेंट ने किया है, जिन्होंने मानसिक जटिलताओं को वास्तविकता के साथ प्रस्तुत किया है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी ने पहाड़ी इलाकों की खूबसूरती को बखूबी कैद किया है, जो कहानी के भावनात्मक पहलू को और भी गहरा बनाता है।

संगीत का जादू

फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर भी इसे और प्रभावशाली बनाता है। संगीत तानें दर्शकों के दिल की धड़कनों को छू लेती हैं, जिससे अंजू और पावी की यात्रा और भी रोमांचक बन जाती है।

दर्शकों की प्रतिक्रिया

हालांकि, यह फिल्म अपने धीमे रुख और गंभीर भावनाओं के कारण सभी दर्शकों को पसंद नहीं आ सकती। लेकिन जो लोग गहराई में जाकर सोचने और महसूस करने के लिए तैयार हैं, उनके लिए "शेषिप्पु" एक अनमोल अनुभव साबित होगी।

निष्कर्ष

"शेषिप्पु" एक ऐसी फिल्म है जो मानसिक स्वास्थ्य और एकाकीपन के मुद्दों को छूती है। यह एक संवेदनशील कहानी है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है और इसे 5 में से 2.5 रेटिंग दी गई है।

क्या आप भी कभी ऐसे किसी संबंध की तलाश में रहे हैं जो आपको अपने दुखों से उबरने में मदद करे?

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