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'The Great Shamsuddin Family की समीक्षा: Kritika Kamra की अच्छी सोच वाली फिल्म जल्दी-जल्दी लिखने और खराब तरीके से बनाने के कारण सुस्त पड़ गई है 2.0/5JioHotstar'

‘The Great Shamsuddin Family की समीक्षा: Kritika Kamra की अच्छी सोच वाली फिल्म जल्दी-जल्दी लिखने और खराब तरीके से बनाने के कारण सुस्त पड़ गई है 2.0/5JioHotstar’

द ग्रेट शम्सुद्दीन फैमिली: एक परिवार की हंसी और आंसुओं की कहानी

कभी-कभी एक परिवार की हरकतें इतनी अजीब हो जाती हैं कि हम सोचने लगते हैं, "क्या यही सच में हमारा परिवार है?" हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘द ग्रेट शम्सुद्दीन फैमिली’ इसी विचार को दर्शाती है। हालांकि यह कहानी एक लेखक की है, लेकिन इसके पात्रों की हंसी और तनाव हमें अपने परिवार की याद दिलाते हैं।

कहानी का सार

फिल्म की मुख्य पात्र हैं बानी अहमद (कृतिका कमरा), जो एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। अचानक उनके परिवार के सदस्य घर पर आ धमकते हैं, और सब कुछ गड़बड़ हो जाता है। बानी को न केवल अपने पेशेवर जीवन को संभालना है, बल्कि परिवार की समस्याओं को भी निपटाना है। यह संघर्ष हर किसी के जीवन में आता है, और यही इसकी खूबसूरती है।

तेज़ रफ्तार और असंगति

फिल्म की गति इतनी तेज़ है कि कभी-कभी ऐसा लगता है कि हम एक बेतरतीब दौड़ में हैं। परिवार के सभी सदस्य एक साथ आकर बानी की मानसिक शांति को छीन लेते हैं। हर दृश्य में एक नया संकट आ जाता है—कभी पूर्व प्रेमी का आना, कभी कज़िन का वित्तीय संकट, तो कभी भाई का विवाह प्रस्ताव। इस हरकतों के बीच बानी अपने सपनों और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच झूलती रहती हैं।

भावनाओं का टकराव

बानी का संघर्ष हर भारतीय युवा के लिए पहचानने योग्य है। जब परिवार की अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं, तो व्यक्तिगत इच्छाएं कहीं खो जाती हैं। बानी की स्थिति हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपने सपनों को अपने परिवार के लिए छोड़ देते हैं? फिल्म में यह संदेश साफ है कि चाहे कितनी भी समस्याएं हों, परिवार हमेशा एकजुट रहता है।

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अभिनय और निर्देशन

फिल्म में कृतिका कमरा के अलावा फ़रीदा जलाल, शीबा चड्ढा, और पुरब कोहली जैसे कई प्रतिभाशाली अभिनेता हैं। लेकिन, अफसोस, कि कहानी की तेज रफ्तार और कमजोर निर्देशन के कारण उनका अभिनय प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहा। निर्देशक अनुषा रिज़वी, जो ‘पीपली लाइव’ के लिए जानी जाती हैं, इस बार अपनी प्रतिभा को पूरी तरह नहीं दिखा पाईं।

दृश्य और संगीत

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी साधारण है, और संगीत भी ऐसी भावनाओं को जगाने में असफल रहता है जो दर्शकों को जोड़ सके। कभी-कभी, संवाद सुनते समय ऐसा लगता है कि आँखें बंद कर ली जाएं, और केवल सुनने पर ध्यान दिया जाए।

अंतिम विचार

‘द ग्रेट शम्सुद्दीन फैमिली’ का उद्देश्य एक संवेदनशील परिवारिक ड्रामा पेश करना था, लेकिन यह एक बेतरतीब घटनाओं की श्रृंखला बनकर रह गई। इसके बावजूद, यह फिल्म दर्शकों को हंसाने और सोचने पर मजबूर करने में सक्षम है।

फिल्म JioHotstar (OTTplay Premium) पर स्ट्रीमिंग हो रही है और इसे 5 में से 2 रेटिंग दी गई है।

क्या आप भी कभी ऐसे परिवार के संकटों का सामना कर चुके हैं? अपने अनुभव साझा करें!

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