फिल्म की कहानी: "The Taj Story"
क्या आपने कभी सोचा है कि ताज महल, जो भारत का सबसे प्रसिद्ध स्मारक है, के पीछे की सच्चाई क्या है? "The Taj Story" एक ऐसा साहसी कोर्टरूम ड्रामा है जो इन सवालों को उठाता है। यह फिल्म 31 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और इसके निर्देशक हैं तुषार अमरिश गोयल।
फिल्म की कहानी का केंद्र है विष्णु दास, जिसे शानदार अभिनेता परेश रावल ने निभाया है। विष्णु एक गाइड है, जो सच की तलाश में निकल पड़ता है। उसकी यह खोज एक कानूनी लड़ाई का रूप ले लेती है, जिसमें वह इस प्राचीन स्मारक की पहचान पर सवाल उठाता है। क्या ताज महल एक मकबरा है या एक मंदिर? इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए फिल्म दर्शकों को एक गहन यात्रा पर ले जाती है।
कहानी में कोर्टरूम के तीखे संवाद और विचारों की टकराहटें हैं, जो दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि “79 साल की आज़ादी के बाद भी क्या हम अब भी बौद्धिक आतंकवाद के दास हैं?” इस फिल्म में ऐतिहासिक व्याख्या, सांस्कृतिक पहचान और बौद्धिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर गहराई से चर्चा की गई है।
आगरा की भव्य पृष्ठभूमि में स्थापित, "The Taj Story" suspense, विचारधारा और नैतिक दुविधाओं का एक अनोखा मिश्रण प्रस्तुत करती है। यह केवल एक मनोरंजन नहीं है, बल्कि एक ऐसा संवाद है जो इतिहास और सच्चाई पर बात करने के लिए प्रेरित करता है।
इस फिल्म का आनंद लेने के लिए आपको सिनेमाघरों का रुख करना होगा, क्योंकि यह अभी किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।
तो, क्या आप तैयार हैं इस बहस में शामिल होने के लिए? क्या आपको लगता है कि ताज महल के असली स्वरूप को जानने का समय आ गया है? अपने विचार हमारे साथ साझा करें!









