फिल्म समीक्षा: "वडक्कन" – एक रहस्यमयी यात्रा
क्या आपने कभी किसी फिल्म में ऐसा अनुभव किया है कि वह आपको भूतिया सच्चाइयों की गहराइयों में खींच ले? "वडक्कन" एक ऐसी ही फिल्म है, जो आपको अपने रहस्य और रोमांच से बांध लेगी। इस फिल्म का निर्देशन सजीद ए ने किया है और इसमें मुख्य भूमिका निभाई है किशोर ने, जो एक परानॉर्मल जांचकर्ता के रूप में नजर आते हैं।
कहानी का सार
कहानी की शुरुआत होती है जब रमन (किशोर) एक रियलिटी टीवी शो में हुई रहस्यमय मौतों की जांच करने के लिए केरल के एक दूरदराज के द्वीप पर पहुंचता है। इसमें दिलचस्पी तब बढ़ती है जब उसे पता चलता है कि उसकी पूर्व प्रेमिका के पति भी इन मौतों का शिकार हुए हैं। फिल्म का कथानक "थेय्यम" जैसे लोककथाओं के साथ मिलकर एक अद्भुत और भयानक यात्रा का निर्माण करता है।
तकनीकी पहलू
"वडक्कन" की तकनीकी टीम की मेहनत बेहतरीन तरीके से नजर आती है। ऑस्कर विजेता रिज़ाल पूक्कुट्टी का ध्वनि डिजाइन और केइको नाकहारा की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के भव्य दृश्यों को जीवंत बनाती हैं। फिल्म का संगीत, खासकर भद्र राजिन का "केटिंगो" गाना, आपके दिल में एक अलौकिक छाप छोड़ जाता है।
अभिनय का जादू
किशोर ने अपने किरदार में पूरी तरह से खुद को ढाल लिया है, और उनकी अभिनय क्षमता अंतिम क्षणों में भी देखने को मिलती है। हालांकि, श्रुति मेनन, जो रमन की पूर्व प्रेमिका का किरदार निभा रही हैं, को एक कमजोर संवाद में फंसाया गया है। अन्य सहायक कास्ट ने अपने किरदारों को निभाने में अच्छा काम किया है, लेकिन कुछ कथानक बिंदुओं को और गहराई से explore किया जा सकता था।
दर्शकों की प्रतिक्रिया
फिल्म का पहला हिस्सा थोड़ा धीमा लगता है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, इसमें रोमांच की लहर उठने लगती है। दर्शकों ने इस फिल्म को एक बार देखने लायक माना है, खासकर उन लोगों के लिए जो हॉरर जॉनर के फैंसी हैं।
निष्कर्ष
"वडक्कन" एक ऐसा अनुभव है जो आपको एक बार जरूर देखना चाहिए। इसकी तकनीकी कुशलता और कुछ थ्रिलिंग क्षण इसे एक अच्छी फिल्म बनाते हैं। यह फिल्म Aha और OTTplay Premium पर स्ट्रीमिंग कर रही है, और मैं इसे 5 में से 3 स्टार देता हूँ।
क्या आपने कभी किसी ऐसी फिल्म का सामना किया है जो आपको सोचने पर मजबूर कर दे? "वडक्कन" आपकी सोच को भी एक नई दिशा दे सकती है।









