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जब क्रिस्टोफर नोलन को गजिनी के निर्माता से क्रेडिट न मिलने पर निराशा हुई: 'हाँ... कुछ नहीं'

जब क्रिस्टोफर नोलन को गजिनी के निर्माता से क्रेडिट न मिलने पर निराशा हुई: ‘हाँ… कुछ नहीं’

क्या गज़नी ने चुराया ममेंटो का जादू?

कभी सोचा है, जब एक फिल्म की कहानी आपके दिल को छूती है, तो क्या वो सिर्फ एक कहानी होती है या उससे कहीं ज्यादा? आज हम बात करेंगे एक ऐसे किस्से की, जिसमें दो फिल्मों के बीच एक अनकही कड़ी है। यह कहानी है हॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन और हमारे अपने आमिर खान की।

गज़नी: एक हिंदी रीमेक की सफलता

2008 में आमिर खान की फिल्म "गज़नी" ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। ए.आर. मुरुगादॉस द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में दर्शकों का दिल जीत लिया। यह फिल्म दरअसल, नोलन की "ममेंटो" का अनौपचारिक रीमेक थी। आमिर और मुरुगादॉस ने मिलकर इसकी कहानी को हिंदी दर्शकों के लिए पूरी तरह से ढाला। और परिणाम? फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया!

नोलन की निराशा

हालांकि, इस सफलता का एक कड़वा सच भी है। क्रिस्टोफर नोलन, जिन्होंने "ममेंटो" को अपनी अद्भुत कहानी के लिए जाना जाता है, ने कभी खुलासा किया कि उन्हें "गज़नी" के लिए कोई श्रेय नहीं मिला। एक बार, जब अनिल कपूर ने नोलन से बातचीत की, तो उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि मेरी एक फिल्म की नकल की गई है।" जब अनिल ने उन्हें "गज़नी" का नाम बताया, तो नोलन बेहद दुखी हुए। उन्होंने कहा, "कोई पैसा नहीं, कोई श्रेय नहीं, कुछ भी नहीं।"

भारतीय सिनेमा के प्रति प्रेम

नोलन ने भारतीय सिनेमा के प्रति अपने प्रेम का भी इज़हार किया। उन्होंने कहा, "मैं अक्सर भारतीय फिल्में हवाई जहाज में देखता हूं और मुझे बहुत आनंद आता है। हाल ही में मैंने ‘पाथेर पंचाली’ देखी, और यह मेरे द्वारा देखी गई सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है।" नोलन ने यह भी बताया कि कैसे इस फिल्म का नकारात्मक फिल्मांकन आग में नष्ट हो गया था, लेकिन फिर भी इसे बहाल किया गया और अब नए दर्शक इसे देख सकते हैं।

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निष्कर्ष: क्या श्रेय महत्वपूर्ण है?

इस कहानी से हमें यह समझ में आता है कि एक फिल्म की सफलता सिर्फ उसके बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में नहीं होती, बल्कि उसकी कहानी और उसके पीछे के विचारों में भी होती है। क्या आपको लगता है कि फिल्म निर्माताओं को उनके काम का उचित श्रेय मिलना चाहिए? यह सवाल हमें सोचने पर मजबूर करता है।

इस दिलचस्प कहानी को आप "गज़नी" के रूप में देख सकते हैं, जो कि आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है। यह फिल्म आप Amazon Prime Video पर देख सकते हैं।

आपकी राय क्या है? क्या आपको लगता है कि रीमेक्स में मूल रचनाकार को उचित श्रेय मिलना चाहिए?

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