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जब रणदीप हूडा ने आर्थिक मुश्किलों के बीच डिप्रेशन में जाने के बारे में बताया: "मेरे पास एक पैसा नहीं था और मुझे पता नहीं था..."

जब रणदीप हूडा ने आर्थिक मुश्किलों के बीच डिप्रेशन में जाने के बारे में बताया: “मेरे पास एक पैसा नहीं था और मुझे पता नहीं था…”

रणदीप हुड्डा की कहानी: डिप्रेशन से जंग की एक सच्चाई

कभी-कभी, हमारी ज़िंदगी की सबसे सुंदर कहानियाँ उन अंधेरों में छिपी होती हैं, जहाँ हम खुद को खो देते हैं। बॉलीवुड के चमकते सितारे रणदीप हुड्डा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। दो दशकों से ज्यादा का करियर, कई सफल फिल्में और अब एक निर्देशक के रूप में नई उपलब्धियाँ, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस चमक-दमक के पीछे एक ऐसा दौर भी था जब रणदीप ने गहरे डिप्रेशन का सामना किया?

आर्थिक संघर्ष का सामना

हाल ही में एक इंटरव्यू में, रणदीप ने अपनी जिंदगी के उस काले दौर के बारे में बताया, जब ‘Battle of Saragarhi’ फिल्म ठंडे बस्ते में चली गई थी। उन्होंने साझा किया, “इन 23 सालों में से 11 साल मैं सेट पर नहीं गया। कई बार तो मेरी जेब में एक रुपया भी नहीं होता था। मैंने अपने घर की हर चीज़ बेच दी – कार, माइक्रोवेव, लेकिन मेरे घोड़े को कभी नहीं बेचा।”

उनकी बातें सुनकर महसूस होता है कि एक कलाकार के लिए पैसा और पहचान केवल बाहरी चीजें हैं, असली संघर्ष तो मन के भीतर होता है। उन्होंने एक बार अपने प्यारे घोड़े ‘रंजी’ को बेचने की कोशिश की, लेकिन उस पल में उन्हें एहसास हुआ कि यह उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है। वह अपनी भावनाओं को छोड़ नहीं पाए और उस चेक को वापस कर दिया।

डिप्रेशन से जूझते हुए

रणदीप ने अपनी भावनाओं के बारे में और भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मैं बहुत डिप्रेस्ड था। ऐसा लगा कि ज़िंदगी आधी रह गई हो। मैंने ‘Extraction’ जैसी बड़ी फिल्म को छोड़ने का सोचा। लेकिन फिर मैं गुरुद्वारे गया और वहां माफी मांगी। मैंने वहां वादा किया था कि जब तक मेरी फिल्म पूरी नहीं होगी, मैं अपने बाल नहीं कटवाऊंगा। उस वादे ने मुझे आगे बढ़ने की ताकत दी।”

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इस कठिन समय में उन्होंने महसूस किया कि एक कदम आगे बढ़ने से ही कुछ बदल सकता है। तीन साल तक कोई काम नहीं था, और उनका वजन बढ़ गया था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनके माता-पिता उनकी चिंता कर रहे थे, लेकिन रणदीप ने खुद को फिर से संजोया और अपने करियर को फिर से शुरू किया।

रणदीप हुड्डा का सफर

रणदीप हुड्डा ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 2001 में ‘Monsoon Wedding’ से बॉलीवुड में कदम रखा। हाल ही में उन्हें ‘Jaat’ फिल्म में सनी देओल के साथ देखा गया। उनकी कुछ प्रमुख फिल्मों में ‘Sarabjit’, ‘Highway’, ‘Sultan’, और ‘Murder 3’ शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने 2020 में ‘Extraction’ से हॉलीवुड में भी कदम रखा।

वर्तमान में, रणदीप अपनी अगली हॉलीवुड एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘Matchbox’ में जॉन सीना के साथ नजर आने वाले हैं।

सोचने के लिए एक सवाल

रणदीप हुड्डा की कहानी हमें यह सिखाती है कि मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, उम्मीद और मेहनत से हम उन्हें पार कर सकते हैं। क्या आपको कभी ऐसा अनुभव हुआ है जब आप खुद को खोते हुए महसूस करते हों? क्या आपने भी किसी कठिन दौर से बाहर निकलने का संघर्ष किया है?

अगर आप इस कहानी को और भी विस्तार से जानना चाहते हैं, तो इसे नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।

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